संयुक्त राष्ट्र में PM मोदी का भाषण... जानिए मोदी ने कोनसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की
कल संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान भारत के PM मोदी ने बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र संघ के स्वरूप और प्रासंगिता पर सवाल खड़े किये | कहा भारत दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र है। भारत में सैकड़ों भाषाओं - बोलियों, अनेकों विचारधारा वाली 18% से ज्यादा जनसँख्या रहती है जो देश वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कई वर्षों तक करता रहा और सैकड़ों साल तक गुलाम रहा। मोदी जी ने कहा की जब हम मजबूत थे तो सताया नहीं जब मजबूर थे तो बोझ नहीं बने | पीएम मोदी ने कहा कि भारत के 130 करोड़ लोगों की भावनाएं साझा करने आया हूं |
PM मोदी ने कहा की जब सयुंक्त राष्ट्र संघ स्थापना हुई थी तब परिस्थियाँ बिलकुल अलग थी आज एक बड़ा सवाल ये है की जिन परिस्थियों में सयुंक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई थी, तो क्या उसका स्वरुप आज भी प्रासंगिक है क्या ? सदी बदल जाये और अगर हम ना बदले तो बदलाव की ताकत कम हो जाती है |
PM मोदी की महत्वपूर्ण बाते:
कल संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें
सत्र के दौरान भारत के PM मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में ये महत्वपूर्ण बाते कही
1. PM मोदी ने वर्तमान में सुरक्षा
परिषद की प्रासंगिकता को लेकर कहा कि 1945 की दुनिया आज से एकदम अलग थी। उस समय परिस्तिथियाँ साधन, संसाधन सब अलग थे। ऐसे में उस समय जब सुरक्षा परिषद् का गठन हुआ था वो उस समय के हिसाब से ही थी। आज का दौर उस दौर से बिलकुल
अलग है | आज 21वीं सदी में हमारे वर्तमान की, भविष्य की परिस्तिथिया, आवश्यकताएं और
चुनौतियां सब बिलकुल अलग है | आज पूरे विश्व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा व महत्वपूर्ण
सवाल है कि जिस संस्था का गठन उस समय की परिस्थतियों के हिसाब से हुआ था, क्या वह आज
भी प्रासंगिक है |
2. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे, हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है | भारत की आवाज़ हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी | भारत की आवाज़ मानवता, मानवजाति, आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी और मनी लॉड्रिंग के खिलाफ उठेगी |
3. कोरोना पेण्डामिक के इस मुश्किल दौर में भी भारत की Pharmaceutical इंडस्ट्री ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजीं हैं | PM मोदी कहा की दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं सम्पूर्ण वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं भारत की वैक्सीन प्रोडक्शन और वैक्सीन डिलीवरी क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी |
4. भारत ने अपने नागरिकों के जीवन में
बड़ा बदलाव किया रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ भारत ने करोड़ों भारतीयों के जीवन
में बड़े बदलाव लाने का काम किया है | 4-5 साल में 400 मिलियन से ज्यादा लोगों को बैंकिंग
सिस्टम से जोड़ना, सिर्फ 4-5 साल में 600 मिलियन लोगों को खुले में शौच से मुक्त करना,
2-3 साल में 500 मिलियन से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज से जोड़ना इतनी बड़ी जनसँख्या
वाले देश में आसान नहीं था पर हमने ये करके दिखाया।
5. 75 साल में संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों को की बात करे तो तमाम उपलब्धियां हैं। लेकिन, कई उदाहरण हैं ऐसे भी है जो की गंभीर चिंतन की आवश्यकता खड़ी करते हैं। वैसे देखा जाये तो कहने को तो तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ पर अनेकों युद्ध हुए, गृह युद्ध हुए, आतंकी हमलों ने दुनिया को हिला कर रख दिया, खून की नदियां बहती रहीं | इन युद्धों और हमलो में वो लाखों मासूम बच्चे जिन्हें दुनिया पर छा जाना था, वो दुनिया छोड़कर चले गए। कितने ही लोगों को अपने अपना सब कुछ गँवाना पड़ा आज ऐसे में सवाल ये उठता है की क्या संयुक्त राष्ट्र के प्रयास पर्याप्त थे। कोरोना महामारी से संघर्ष करते हुए दुनिया को दुनिया को 8-9 महीने हो गए है | ऐसे में इस महामारी से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र का प्रभावशाली नेतृत्व कहां था |
जय हिन्द ! वन्दे मातरम !!

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